दुनियाँ के सात अजूबे 2023 : 7 Wonders of the World in Hindi : Web Bharti

Seven Wonders of the World in Hindi

1. क्राइस्ट द रिडीमर (Christ The Redeemer)

Christ The Redeemer

क्राइस्ट द रिडीमर ब्राजील के रियो द जेनेरो शहर में स्थित एक प्रसिद्ध स्मारक है ! जो ब्राजील के लोकप्रिय स्थलों में से एक है ! यह दुनिया की सबसे बड़ी ईसाई धर्म के प्रवर्तक "ईशा मसीह" की मूर्ति है ! यह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्थलों में से एक माना जाता है, जो एक ऊँची पहाड़ी पर बनाई गयी है ! यह मूर्ति ईसाई धर्म का प्रतीक चिन्ह है, जिसे उत्तरी अमेरिका से लाया गया था !
क्राइस्ट द रिडीमर मूर्ति की प्रतिमा को फ़्रांसिसी मूर्तिकार पॉल लेनडॉक्स्वी द्वारा डिजाइन किया गया था ! ब्राजील के इंजीनयर हेइटर दा सिल्वा कोस्टा द्वारा निर्मित किया गया था ! इसका निर्माण 1922 ई. में शुरू किया गया था ,और यह 1931 ई. में बनकर पूरा हुआ था ! इसकी ऊंचाई 30 मीटर है और 635 मीटर की ऊंचाई पर यह स्थित है ! यह मूर्ति गंभीरता और शांति का प्रतीक है जो लोगों को ईश्वर के सामने अपने पापों की माफ़ी मांगने के लिए प्रेरित करता है !

2. चिचेन इत्जा Chichen Itza

Chichen Itza

चिचेन इत्जा  मेक्सिको के युकाटन प्रायद्वीप में स्थित एक प्राचीन मयान शहर है ! मयान भासा में चिचेन इत्जा का अर्थ "इत्जा के कुएँ के मुहाना पर शहर के भीतर स्थित पवित्र सेनोट या प्राकृतिक सिंकहोल है !"  यह माया सभ्यता के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक था और इसे यूनेस्कों की विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया है ! इसे दुनियां के सात अजूबे स्थलों में शामिल किया गया है !
इस शहर की स्थापना 6वीं शताब्दी में हुई और 13वीं शताब्दी तक फलता-फूलता रहा !
इसके निर्माण का श्रेय पूर्व कोलंबियाई माया सभ्यता के लोगों को जाता है ! यहाँ बहुत सारे पिरामिड, मंदिर एवं खेल के मैदान इत्यादि देखने को मिल जायेंगे यहाँ अजीबों गरीब  आवाजें सुनाई देती हैं  ! 

यह शहर एक प्रमुख राजनितिक और आर्थिक केंद्र बन गया था  ! यह व्यापार, धर्म और बौद्धिक आदान-प्रदान का केंद्र था !
चिचेन इत्जा में सबसे प्रसिद्ध कुकुलकैन पिरामिड है, जिसे एक कैस्टिलो के नाम से भी जाना जाता है, जो एक विशाल पत्थर की संरचना है जो 30 मीटर से अधिक ऊँची है ! इसे माया पंख  वाले सर्प देवता, कुकुलकैन को श्रद्धांजलि के रूप में बनाया गया था !

3. ताज महल (Taj Mahal)

Taj Mahal story in hindi


दुनिया में प्रेम का प्रतीक और भारत की शान ताज महल का निर्माण मुग़ल बादशाह शाहजहाँ के द्वारा अपनी बेगम मुमताज महल के याद में करवाया गया था ! इसका निर्माण 1632 से 1653 ई. के मध्य में हुआ था ! पूरी तरह से सफ़ेद संगमरमर से बना यह ईमारत सालों भर देश- विदेश के पर्यटकों को अपनी खूबसूरती से मन को आकर्षित करती है !

ताजमहल के निर्माण में बीस हजार शिल्पकारो, उस्तादों, बागवानों एवं मजदूरों की भर्ती की गयी थी ! इसके निर्माण में 20 वर्षों  से अधिक का समय लगा था ! ताजमहल को विश्व के सात अजूबों की सूची में यूनेस्कों द्वारा वर्ष 1983 में विश्व धरोहर स्थल में भी शामिल किया गया है !

ताज महल के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें- ताज महल (Taj Mahal)

4. चीन की दिवार (Great Wall of China)

Great Wall of China story



चीन का दिवार चीन के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध है ! चीन की दिवार दुनिया की सबसे लम्बी विशाल दीवारों  में से एक है ! इस दिवार की कुल लम्बाई लगभग 21195 किलोमीटर है, जो वास्तव में आश्चर्य की बात है ! चीन के दिवार के निर्माण का मुख्य उदेश्य चीन की उत्तरी भाग से होने वाले कबीलाई हमलों से बचने और दुश्मनों से चीन की सीमा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चीन के सबसे लम्बे इस विशाल दिवार का निर्माण करवाया गया था ! इस दिवार के निर्माण में ईट, पत्थर, मिटटी, धातु, लकड़ी जैसे वस्तुओं का प्रयोग कर के किया गया था ! इस दिवार की मजबूती बरकरार रखने के लिए चावल के घोल का प्रयोग किया गया था !
इस दिवार के निर्माण में दस लाख से अधिक लोग मारे गए थे यही कारण है ,की इसे दुनिया का सबसे बड़ा कब्रिस्तान भी कहा जाता है ! इस दिवार के निर्माण में सैकड़ो वर्षों का समय लगा था और इस दिवार की उचाई 7.8 मीटर और चौड़ाई 5 मीटर है ! 

चीन की दिवार के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें 

5. पेट्रा जॉर्डन (Petra Jordan)


पेट्रा जॉर्डन (Petra Jordan)

पेट्रा आधुनिक समय के जॉर्डन में स्थित एक ऐतिहासिक नगरी है ! यह पत्थर से तराशी गई इमारतों और जलवाहन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है, इसे 6वीं शताब्दी ईशा पूर्व नाबातियन साम्राज्य की प्रभावशाली राजधानी के रूप में जाना जाता था  ! इसका निर्माण कार्य 1200 ईसा पूर्व के आसपास शुरू हुआ था !

आधुनिक समय में यह एक पर्यटक स्थल है ! पेट्रा को "होर" नाम के एक पहाड़ की ढलान को काट कर बनाया गया है, यह पहाड़ मृत सागर से अकाबा की खाड़ी में "वादी अरबा" घाटी की पूर्वी सीमा में है ! इसे यूनेस्को द्वारा  विश्व धरोहर स्थल का दर्जा 2007 ईस्वी में दिया गया है !

यह व्यापार और वाणिज्य के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र था 

6. रोमन कोलोसियम  (Roman Colosseum)


रोमन कोलोसियम  (Roman Colosseum)

कोलोसियम इटली देश के रोम नगर में रोमन साम्राज्य का एक सबसे विशाल एलिप्टिकल एम्फीथिटेर है ! इसे रोमन स्थापत्य और अभियांत्रिकी का बेहद उत्कृष्ट  नमूना माना  जाता है  ! इसे प्राचीन दुनिया की सबसे महान इंजिनियर के करतबों में से एक माना जाता है ! यह रोमन साम्राज्य की शक्ति और भव्यता का प्रतीक है ! 

कोलोसियम का निर्माण सम्राट वेस्पियन ने 72 ईस्वी में शुरू किया और उसके उत्तराधिकारी टाइटस ने 80 ईस्वी में पूरा किया था ! अंडाकार कोलोसियम 50,000 से 80,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला अब तक का सबसे बड़ा एम्फीथिटर था !   

इस स्टेडियम में योद्धाओं के बीच मात्र एक मनोरंजन के लिए खूनी लड़ाईयां हुआ करती थी यहाँ इस स्टेडियम में योद्धाओं को जानवरों से भी लड़ाया जाता था ! 

7. माचू-पिच्चू (Machu Picchu, Peru)


माचू-पिच्चू (Machu Picchu, Peru)

माचू पिच्चू दक्षिण अमेरिका देश के पेरू में स्थित एक प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल है ! यह स्थल समुद्र तल से लगभग 2430 मीटर की ऊंचाई पर उरुबाम्बा घाटी पर स्थित है जहाँ से उरुबाम्बा नामक नदी बहती है ! माचू पिच्चू को "इंकाओं का खोया शहर" भी कहा जाता है ! यह इंका साम्राज्य के सबसे परिचित प्रतीक में से एक है ! इसे 7 जुलाई 2007 को विश्व के सात  अजूबों के सूची में शामिल किया गया था !

इसका निर्माण 1430 ईस्वी के आसपास इंकाओं के द्वारा किया गया था ! इस स्थल को लगभग सौ साल बाद जब इंकाओं पर स्पेनियों ने विजय पाई थी तब  इस स्थल को यूँ ही छोड़ दिया गया था ! माचू पिच्चू की खोज अमेरिकी इतिहासकार "हीरम बिंघम" के द्वारा वर्ष 1911 में की गयी थी ! वर्तमान में यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बन चूका है !

माचू पिच्चू को 1983 ईस्वी में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल का  दर्जा दिया गया था  ! इसे इंकाओं की पुरातन शैली में बनाया गया था, जिसमे पॉलिश किये गए पत्थरों का उपयोग किया गया था !




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